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पीएम मोदी ने रामायण और महाभारत को अरबी में अनुवादित करने वाले विद्वानों से की मुलाकात

          पीएम मोदी ने रामायण और महाभारत को अरबी में अनुवादित करने वाले विद्वानों से की मुलाकात



पीएम मोदी ने रामायण और महाभारत को अरबी में अनुवादित करने वाले विद्वानों से की मुलाकात

कुवैत सिटी, 21 दिसंबर 2024 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कुवैत में अब्दुल्ला अल बारौन और अब्दुल लतीफ अल नेसेफ से मुलाकात की। इन दोनों विद्वानों ने भारतीय महाकाव्यों रामायण और महाभारत को अरबी में अनुवादित और प्रकाशित किया है। पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में भी इनके प्रयासों की सराहना की थी। यह दौरा 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला कुवैत दौरा है, इससे पहले इंदिरा गांधी ने 1981 में कुवैत का दौरा किया था।

दौरे के मुख्य बिंदु

  • पीएम मोदी ने कुवैती नेतृत्व और भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात की।
  • 26वें अरब गल्फ कप के उद्घाटन समारोह में भी उनकी उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
  • इस दौरे के दौरान, भारत-कुवैत संबंधों को नई दिशा देने के लिए रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की जाएगी।

प्रधानमंत्री का बयान

पीएम मोदी ने कहा, "हम कुवैत के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को बहुत महत्व देते हैं, जो पीढ़ियों से संजोए गए हैं। हम केवल मजबूत व्यापार और ऊर्जा साझेदार ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के साझेदार भी हैं।"

भारत-कुवैत संबंधों की झलक

  • आर्थिक साझेदारी: वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत-कुवैत द्विपक्षीय व्यापार $10.47 बिलियन तक पहुंच गया।
  • ऊर्जा साझेदारी: कुवैत भारत का छठा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों का 3% पूरा करता है।
  • निवेश: कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी का भारत में $10 बिलियन से अधिक का निवेश है।
  • प्रवासी समुदाय: कुवैत में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समूह है, जो कुल जनसंख्या का 21% (10 लाख) और कार्यबल का 30% (9 लाख) है।

कुवैत दौरे का महत्व

  • पीएम मोदी का यह दौरा पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • यह यात्रा सीरिया में हालिया राजनीतिक बदलाव और गाजा में जारी संघर्ष के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
  • कुवैत और भारत के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंध, जो समुद्री व्यापार पर आधारित थे, इस यात्रा से और मजबूत होंगे।


"क्या रामायण और महाभारत का अरबी में अनुवाद भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करेगा?"


भारत और पश्चिम एशिया से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ें Mera-News-Hind और तौसबुल की रिपोर्ट।

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