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इजरायल-हमास युद्धविराम समझौता: गाजा में शांति की उम्मीद

 


इजरायल और हमास के बीच गाजा में युद्धविराम और बंधक रिहाई का समझौता हो गया है। यह समझौता अमेरिका और मध्यस्थ कतर की मदद से हासिल किया गया है। इजरायली कैबिनेट और सरकार ने इस समझौते को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है, और इसका पहला चरण 19 जनवरी 2025 से शुरू हो गया है। यह समझौता 15 महीने के भीषण संघर्ष के बाद हुआ है, जिसमें हज़ारों लोगों की जानें गईं और गाजा का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।




संघर्ष की शुरुआत: 7 अक्टूबर 2023

7 अक्टूबर 2023 को हमास के सैकड़ों लड़ाकों ने इजरायल की दक्षिणी सीमा पार करके एक बड़ा हमला किया। इस हमले में 1,200 से अधिक लोग मारे गए, और 251 बंधकों को गाजा ले जाया गया। हमास ने इजरायल पर हज़ारों रॉकेट भी दागे।

इजरायल ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की और गाजा पर हवाई हमले किए। 27 अक्टूबर 2023 को इजरायल ने गाजा में जमीनी आक्रमण शुरू किया। इस आक्रमण ने गाजा को तबाह कर दिया, और 2.3 मिलियन की आबादी का एक बड़ा हिस्सा बेघर हो गया। हमास-संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष में 46,000 से अधिक लोगों की जान चली गई।


पहला युद्धविराम: नवंबर 2023

21 नवंबर 2023 को अमेरिका, कतर और मिस्र की मध्यस्थता में एक सप्ताह के युद्धविराम का समझौता हुआ। इस दौरान हमास ने 105 बंधकों को रिहा किया, और इजरायल ने 240 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा। हालांकि, यह युद्धविराम टूट गया, और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर इसे तोड़ने का आरोप लगाया।


2024: बातचीत और अड़चनें

28 दिसंबर 2023 से नए युद्धविराम और बंधक रिहाई के लिए बातचीत शुरू हुई। मध्यस्थ देशों ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश की, लेकिन प्रगति धीमी रही।

  • 31 मई 2024:
    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के एक प्रस्ताव को सामने रखा, जिसमें तीन चरणों में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई का प्रस्ताव था। यह प्रस्ताव आगे चलकर समझौते का आधार बना।



  • 10 जून 2024:
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने युद्धविराम योजना का समर्थन करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इससे अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा, और दोनों पक्षों को समझौते की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

  • 31 जुलाई 2024:
    इजरायल ने हमास के राजनीतिक नेता और मुख्य वार्ताकार इस्माइल हनिय्या को तेहरान, ईरान में हत्या कर दी। इसके बाद बातचीत रोक दी गई, लेकिन दो हफ्ते बाद फिर से शुरू हुई।

  • 17 अक्टूबर 2024:
    इजरायली सेना ने हमास के गाजा प्रमुख याह्या सिनवार को मार गिराया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे युद्ध के "अंत की शुरुआत" बताया।

  • 9 नवंबर 2024:
    कतर ने मध्यस्थता की भूमिका से कदम पीछे खींच लिया, यह कहते हुए कि इजरायल और हमास को अपनी स्थिति बदलने की जरूरत है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गतिरोध का आरोप लगाया।

  • 20 नवंबर 2024:
    अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसमें तत्काल युद्धविराम की मांग की गई थी। अमेरिका ने कहा कि युद्धविराम और बंधक रिहाई के बीच संबंध होना चाहिए।

  • 27 नवंबर 2024:
    इजरायल ने लेबनान के साथ युद्धविराम का समझौता किया, जिससे गाजा में भी समझौते की उम्मीद जगी।



  • 2 दिसंबर 2024:

  • अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर 20 जनवरी 2025 तक बंधकों को रिहा नहीं किया गया, तो "सबकुछ तबाह हो जाएगा"

  • 17 दिसंबर 2024:
    एक वरिष्ठ फिलिस्तीनी अधिकारी ने कहा कि बातचीत "अंतिम और निर्णायक चरण" में है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल कात्ज़ ने कहा कि समझौता पहले से कहीं अधिक करीब है।


2025: समझौते का अंतिम चरण

  • 13 जनवरी 2025:
    राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बातचीत की। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि समझौता "बहुत करीब" है और उम्मीद है कि इसे 20 जनवरी से पहले पूरा कर लिया जाएगा।



  • 15 जनवरी 2025:
    कतर के प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि इजरायल और हमास ने युद्धविराम और बंधक रिहाई का समझौता कर लिया है। यह समझौता 19 जनवरी से लागू होगा। बाइडेन ने कहा कि यह समझौता "गाजा में लड़ाई को रोकेगा, फिलिस्तीनी नागरिकों को मानवीय सहायता प्रदान करेगा, और बंधकों को उनके परिवारों से मिलाएगा।"

  • 17 जनवरी 2025:
    इजरायली कैबिनेट ने समझौते को मंजूरी दी, हालांकि दो दक्षिणपंथी मंत्रियों ने इसके खिलाफ वोट दिया।

  • 19 जनवरी 2025:
    युद्धविराम 11:15 स्थानीय समय (09:15 GMT) पर लागू हुआ। हालांकि, इसमें कुछ घंटों की देरी हुई, क्योंकि हमास ने रिहा किए जाने वाले पहले 33 बंधकों के नाम नहीं दिए थे।




समझौते के मुख्य बिंदु

  1. छह सप्ताह का युद्धविराम:
    पहले चरण में छह सप्ताह के लिए लड़ाई रोकी गई, जिसके दौरान हमास ने बंधकों को रिहा किया और इजरायल ने फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा।

  2. मानवीय सहायता:
    गाजा में फंसे नागरिकों के लिए मानवीय सहायता बढ़ाई गई।

  3. बंधक-कैदी विनिमय:
    हमास ने सभी बंधकों को चरणबद्ध तरीके से रिहा करने का वादा किया, जबकि इजरायल ने फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ने का वादा किया।

  4. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता:
    अमेरिका, कतर और मिस्र ने इस समझौते को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




निष्कर्ष

इजरायल-हमास युद्धविराम समझौता 15 महीने के भीषण संघर्ष के बाद एक बड़ी राहत लेकर आया है। हालांकि, यह समझौता अस्थायी है, और दोनों पक्षों के बीच मूलभूत मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। इस समझौते ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और कूटनीति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है।

गाजा के नागरिकों के लिए यह समझौता एक नई शुरुआत की उम्मीद लेकर आया है, लेकिन स्थायी शांति के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।

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