नेपाल और उत्तर भारत में भूकंप के झटके: केंद्र तिब्बत में, बिहार के किशनगंज में भी महसूस किए गए झटके
मंगलवार की सुबह नेपाल और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल की राजधानी काठमांडू से लेकर भारत के बिहार, उत्तर प्रदेश, और उत्तराखंड में इन झटकों ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र चीन के तिब्बत क्षेत्र के शिगात्से शहर में था, और इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई। पहले रिपोर्ट में केंद्र नेपाल के लोबुचे क्षेत्र में बताया गया था, लेकिन बाद में इसमें सुधार किया गया।
नेपाल के खुम्बू क्षेत्र में 4.8 तीव्रता के चार और झटकों को भी रिकॉर्ड किया गया। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि मुख्य रूप से सात जिलों—तपलेजंग, संखुवासभा, सोलुखुम्बु, दोलखा, सिंधुपालचोक, रसुवा और उत्तरी धाडिंग—पर भूकंप का असर हो सकता है।
नेपाल में मौजूदा स्थिति
नेपाल के गृह मंत्रालय के अधिकारी दिलकुमार तमांग ने बताया कि अधिकांश उत्तरी जिलों से प्रारंभिक जानकारी ली गई है। अब तक बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। हालांकि, प्रभावित इलाकों से विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
- सोलुखुम्बु जिले के सहायक मुख्य जिला अधिकारी रूपेश विश्वकर्मा ने बताया कि झटके काफी शक्तिशाली थे, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
- एवरेस्ट पर्वत के पास नामचे क्षेत्र में अधिकारी जगत प्रसाद भुसाल ने कहा कि झटकों से लोग घबरा गए, लेकिन अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
भारत में असर: बिहार के किशनगंज में भी झटके
भारत के बिहार राज्य में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। किशनगंज जिले के दिघलबैंक क्षेत्र में भूकंप की तीव्रता महसूस की गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह अचानक धरती हिलने लगी, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भी इन झटकों का प्रभाव देखा गया। हालांकि, अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
चीन में स्थिति
चीन के सरकारी मीडिया चैनल CCTV के मुताबिक, शिगात्से क्षेत्र के 200 किलोमीटर के दायरे में पिछले पांच वर्षों में 3 तीव्रता या उससे अधिक के 29 भूकंप आ चुके हैं। यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
2008 में सिचुआन प्रांत में आए 7.9 तीव्रता के भूकंप में 70,000 से अधिक लोगों की जान गई थी।
2015 के भूकंप की यादें ताजा
नेपाल में 2015 में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप की भयावहता आज भी लोगों के जहन में ताजा है। उस भूकंप में लगभग 9,000 लोग मारे गए थे, और हजारों घायल हुए थे।
सरकार और प्रशासन का रुख
- नेपाल: प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
- भारत: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भूकंप के प्रभाव की निगरानी कर रहा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सतर्कता के उपाय
- झटकों के दौरान घरों और ऊंची इमारतों से बाहर खुले स्थान पर रहें।
- आपात स्थिति में नजदीकी अधिकारियों से संपर्क करें।
- मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण लें और खिड़कियों से दूर रहें।
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