पटना में BPSC की 70वीं परीक्षा को रद्द करवाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को शनिवार तड़के सुबह पटना पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई सुबह करीब 4 बजे हुई, जब प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ गांधी मैदान में धरना दे रहे थे।https://x.com/i/status/1876043996847542378
पुलिस ने खाली कराया धरनास्थल
पटना पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान से हटा दिया और प्रशांत किशोर को एंबुलेंस के जरिए AIIMS पटना ले जाया गया। इस दौरान धरनास्थल पर काफी हंगामा हुआ। जब एंबुलेंस प्रशांत किशोर को लेकर जा रही थी, तो कुछ लोग उसके सामने लेट गए। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
जन सुराज ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा
प्रशांत किशोर के संगठन 'जन सुराज' ने इस घटना की कड़ी आलोचना की। संगठन के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया, "पुलिस ने जबरन प्रशांत किशोर को उनके समर्थकों से अलग कर हिरासत में लिया। यह लोकतंत्र और जनता की आवाज दबाने का प्रयास है।"
धरने पर पुलिस की नजर
गांधी मैदान को पुलिस ने पूरी तरह सील कर दिया है। किसी को भी वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
धरना स्थल पर पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प
प्रशांत किशोर के समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई तानाशाही रवैया दर्शाती है। वहीं, पुलिस का कहना है कि धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
खबर पर मेरी राय
जनता की आवाज उठाना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। प्रशासन को चाहिए कि वह जनहित की मांगों को गंभीरता से सुने और उचित समाधान निकाले। लोकतंत्र की खूबसूरती इसी में है कि हर व्यक्ति अपनी बात खुलकर रख सके।
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- तौसबुल

