तालिबान के कमांडर इन चीफ़ मुल्ला उमर की कहानी
मुल्ला उमर, अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के प्रमुख नेता और कमांडर इन चीफ़, की ज़िंदगी रहस्यमयी और विवादास्पद घटनाओं से भरी रही है। उन्होंने ओसामा बिन लादेन को उस समय शरण दी, जब दुनिया में उसके लिए छिपने की कोई जगह नहीं बची थी।
शुरुआती जीवन और सोवियत संघ के खिलाफ संघर्ष
मुल्ला उमर का जन्म कंधार, अफ़ग़ानिस्तान के एक छोटे से गाँव में हुआ। उनके पिता का निधन तब हो गया था, जब वह मात्र दो साल के थे। युवावस्था में उन्होंने सोवियत सेना के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लिया और इस संघर्ष में उन्हें "रॉकेटी" नाम से पुकारा गया, क्योंकि रॉकेट चलाने में उनका निशाना बेहद सटीक था।
डच लेखिका बैटी डैम की पुस्तक 'लुकिंग फॉर द एनिमी: मुल्ला उमर एंड द अननोन तालिबान' में लिखा गया है कि लड़ाई के दौरान उनकी एक आँख में गंभीर चोट लगी थी। उन्होंने खुद ही अपनी आँख से धातु का टुकड़ा निकालकर, खून को साफ़े से रोकने की कोशिश की। बाद में उन्हें पाकिस्तान के क्वेटा में इलाज के लिए ले जाया गया।
तालिबान का गठन और उदय
1994 में, एक घटना ने मुल्ला उमर को तालिबान के गठन की ओर प्रेरित किया। एक स्थानीय कमांडर द्वारा दो लड़कियों के अपहरण और बलात्कार के बाद, उमर ने तीस युवा छात्रों को इकट्ठा किया और कमांडर के ठिकाने पर हमला कर लड़कियों को छुड़ाया। इसके बाद उन्होंने कमांडर को टैंक की नाल पर फांसी पर लटका दिया। इस घटना ने उन्हें स्थानीय स्तर पर एक नायक बना दिया।
उन्होंने कहा, "हम केवल बाहरी दुश्मनों से नहीं, बल्कि उन मुसलमानों से भी लड़ रहे हैं जो अपना रास्ता भटक गए हैं।"
ओसामा बिन लादेन और 9/11 हमले
तालिबान के सत्ता में आने के बाद, मुल्ला उमर ने ओसामा बिन लादेन को शरण दी। लादेन ने अफ़ग़ानिस्तान से ही 9/11 के हमलों की योजना बनाई, जिसमें लगभग 3,000 लोग मारे गए। इसके बाद, अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया और मुल्ला उमर को आतंकवाद के मुख्य चेहरों में से एक घोषित कर दिया।
रहस्यमय गायब होना और मृत्यु
2001 के बाद, मुल्ला उमर अचानक गायब हो गए। अमेरिकी और अफ़ग़ान सरकार का मानना था कि वह पाकिस्तान में छिपे थे, जबकि तालिबान का दावा था कि वह अफ़ग़ानिस्तान में ही थे। उनकी मृत्यु की खबरें बार-बार आती रहीं, लेकिन 2012 में अमेरिकी सरकार ने उनके बारे में जानकारी देने पर 2 करोड़ डॉलर का इनाम रखा।
डच पत्रकार बैटी डैम ने लिखा कि मुल्ला उमर की केवल एक ही तस्वीर सार्वजनिक है, और उसकी प्रामाणिकता पर भी सवाल उठते हैं।
मुल्ला उमर की विरासत
मुल्ला उमर की कहानी अफ़ग़ानिस्तान के इतिहास के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, हिंसा, और रहस्यों से भरी है। अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत संघ से लेकर अमेरिका तक, उनके नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को गहराई से प्रभावित किया।
लेखक: तौसबुल
यह कहानी Mera-News-Hind के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। अपने विचार साझा करें!


