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कुवैत में पीएम मोदी के दौरे पर चर्चा: इस्लामिक देशों में भारत की रणनीति का नया अध्याय

कुवैत में पीएम मोदी के दौरे पर चर्चा: इस्लामिक देशों में भारत की रणनीति का नया अध्याय

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया कुवैत दौरा ऐतिहासिक और भारत के खाड़ी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने वाला साबित हुआ। यह दौरा 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का कुवैत दौरा था। इससे पहले 1981 में इंदिरा गांधी कुवैत गई थीं। कुवैत और खाड़ी देशों के मीडिया में इस दौरे को लेकर काफी चर्चा रही।


कुवैत के मीडिया में पीएम मोदी के दौरे की चर्चा

कुवैत टाइम्स ने इस दौरे पर लिखा कि भारत और कुवैत के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका आधार सांस्कृतिक और ऐतिहासिक है।

  • 2023-24 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार $10.479 अरब तक पहुंच गया।
  • भारत ने कुवैत को $2.1 अरब का निर्यात किया, जिसमें 34.78% की वृद्धि हुई।
  • 2022 में भारत ने कुवैत से $15 अरब मूल्य के कच्चे तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल्स का आयात किया।

कुवैत टाइम्स में डॉ. ख़ालिद ए. मेहदी ने लिखा, “भारत और कुवैत का संबंध सदियों पुराना है। कुवैत में भारतीय प्रवासी सिर्फ मज़दूर नहीं, बल्कि इंजीनियर और वित्त क्षेत्र के पेशेवर भी बड़ी संख्या में हैं। यह साझेदारी शिक्षा, कारोबार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर आधारित है।”


मोदी सरकार की खाड़ी रणनीति

डॉ. हाइला अल-मेकाइमी, जो कुवैत यूनिवर्सिटी में राजनीतिक विज्ञान की प्रोफेसर हैं, ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी देशों के साथ संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है।

  • खाड़ी देशों में 90 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं।
  • गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है।
  • कोविड महामारी के दौरान भारत ने मेडिकल टीम और आवश्यक आपूर्ति भेजकर मानवीय साझेदारी की मिसाल पेश की।

ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध

कुवैत और भारत के बीच संबंध केवल मौजूदा आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें इतिहास में गहराई से जुड़ी हुई हैं।

  • 1961 तक भारतीय रुपया कुवैत में वैध मुद्रा थी।
  • मुंबई के मोहम्मद अली स्ट्रीट पर कुवैतियों के दफ्तर और दुकानें दोनों देशों के संबंधों का प्रतीक हैं।

पीएम मोदी ने कुवैत न्यूज़ एजेंसी कुना को दिए साक्षात्कार में कहा, “भारत और कुवैत के बीच संबंध व्यापार और सांस्कृतिक साझेदारी का अनोखा उदाहरण हैं। फ़ाइलका द्वीप की खोज इस बात का सबूत है कि हमारे संबंध प्राचीन काल से कितने मजबूत हैं।”


भारत की विदेश नीति की नई दिशा

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ सी. राजामोहन ने लिखा कि पीएम मोदी का यह दौरा खाड़ी देशों के साथ भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • भारत ने हमेशा अपने साझेदारों के साथ संतुलन बनाकर कूटनीतिक संबंध निभाए हैं।
  • खाड़ी देशों के साथ भारत का संबंध ऊर्जा, रक्षा, और निवेश तक विस्तृत हो चुका है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुवैत दौरा न केवल दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि यह कूटनीति, संस्कृति और मानवीय आदान-प्रदान के नए अध्याय की शुरुआत भी है। यह दौरा भारत की खाड़ी रणनीति में एक ऐतिहासिक कदम है।

लेखक: तौसबुल (तौसबुल की विशेष रिपोर्ट)
वेबसाइट: Mera-News-Hind

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