राहुल गांधी के परभणी दौरे को बीजेपी और शिवसेना ने बताया 'नाटक'
23 दिसंबर, 2024 – परभणी, महाराष्ट्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के परभणी दौरे को लेकर बीजेपी और शिवसेना ने कड़ा हमला बोला है। इन दलों ने इसे 'नाटक' और 'पाखंड' करार दिया है। राहुल गांधी परभणी में हाल ही में हुई हिंसा में मारे गए दो व्यक्तियों के परिवारों से मिलने और संवेदना प्रकट करने के लिए जा रहे हैं।
बीजेपी और शिवसेना का बयान
शिवसेना नेता शाइना एन.सी. ने राहुल गांधी की यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा, "राहुल गांधी एक विशेष विमान से यात्रा कर रहे हैं और यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह सोमनाथ सूर्यवंशी के परिवार के साथ खड़े हैं। यह पाखंड है। संसद के बाहर जब विवाद होता है, तब वह क्यों नहीं बोलते? हम सोमनाथ सूर्यवंशी के परिवार के साथ हर तरह से खड़े हैं, लेकिन राहुल गांधी की तरह राजनीति नहीं कर रहे।"
वहीं, महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राहुल गांधी के दौरे को 'नाटक' बताया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी का पूरा जीवन नाटक से भरा हुआ है। उन्हें संविधान का सम्मान नहीं है। कांग्रेस हमेशा राजनीतिक लाभ के लिए झूठा खेल खेलती रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। राहुल गांधी का दौरा केवल वोट बैंक बनाने के लिए है।"
राहुल गांधी का कार्यक्रम
राहुल गांधी सोमवार को नांदेड़ पहुंचेंगे और सोमनाथ सूर्यवंशी और विजय दशरथ वाकोडे के परिवारों से मिलेंगे। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, जैसे महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला, प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और पूर्व मंत्री बालासाहेब थोराट शामिल होंगे। राहुल गांधी शाम को दिल्ली लौट जाएंगे।
परभणी हिंसा की पृष्ठभूमि
10 दिसंबर को बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान की प्रतिकृति से छेड़छाड़ के बाद परभणी में हिंसा भड़क उठी थी। इसमें 200-300 लोगों की भीड़ ने सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हिंसा में ₹1.89 करोड़ का नुकसान हुआ। पुलिस ने अब तक 43 लोगों को गिरफ्तार किया है और 51 लोगों पर केस दर्ज किया है।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे को मानवीय करुणा का उदाहरण बताया है। प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस हमेशा पीड़ितों के साथ खड़ी रही है और न्याय के लिए लड़ती रहेगी।
राजनीति गरमाई
राहुल गांधी का यह दौरा महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी को और गर्म कर रहा है। कांग्रेस इसे पीड़ितों के समर्थन का प्रयास बता रही है, जबकि बीजेपी और शिवसेना इसे वोट बैंक की राजनीति करार दे रही हैं।
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(रिपोर्ट: तौसबुल)
