दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद को सात दिनों की अंतरिम जमानत दी है। यह जमानत उन्हें 28 दिसंबर से 3 जनवरी तक उनके रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है।
अदालत ने ज़मानत के साथ कड़ी शर्तें भी लगाईं हैं। कोर्ट के अनुसार, उमर खालिद केवल अपने परिवार और दोस्तों से मिल सकते हैं और इस दौरान सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकते। उन्हें गवाहों से संपर्क करने से भी मना किया गया है।
प्रमुख शर्तें:
- 20,000 रुपये का बेल बॉन्ड और दो ज़मानतदार की गारंटी।
- उमर को शादी वाले स्थान या घर तक ही सीमित रहना होगा।
- सोशल मीडिया या सार्वजनिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं।
उमर खालिद पर यूएपीए के तहत फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने का आरोप है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान उन्होंने साजिश रचकर हिंसा भड़काई थी।
अदालत ने ज़मानत के साथ कड़ी शर्तें भी लगाईं हैं। कोर्ट के अनुसार, उमर खालिद केवल अपने परिवार और दोस्तों से मिल सकते हैं और इस दौरान सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकते। उन्हें गवाहों से संपर्क करने से भी मना किया गया है।
प्रमुख शर्तें:
- 20,000 रुपये का बेल बॉन्ड और दो ज़मानतदार की गारंटी।
- उमर को शादी वाले स्थान या घर तक ही सीमित रहना होगा।
- सोशल मीडिया या सार्वजनिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं।
उमर खालिद पर यूएपीए के तहत फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने का आरोप है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान उन्होंने साजिश रचकर हिंसा भड़काई थी।

